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Important point:-
1. चुम्बकीय क्षेत्र :-
चुम्बक के चारो तरफ का वह क्षेत्र जहा पर रखी चुम्बकीय वस्तु बल का अनुभव करती है। चुम्बकीय क्षेत्र कहलाती है। इसका SI मात्रक टेसला होता है।
1 गौस = 1 / 10000 टेस्ला
2. चुम्बकीय बल रेखा :-
चुम्बकीय बल रेखाएं एक दूसरे को कभी नही काटती है चुम्बकीय बल रेखाएं चुम्बक के बाहर N ( North Pole ) से निकलती है। और S ( South Pole ) मे प्रदेश करती हैं तथा चुम्बक के भीतर south Pole से निकलती तथा North Pole मे प्रदेश करती है।
3. चुम्बकीय वाहक बल :-
चुम्बकीय द्विध्रुव के कारण उसके क्षेत्र मे उपस्थित किसी conductor में बहने वाली धारा को ही चुम्बीय बाहक बल कहते है।
MMF = NI ( एम्पीयर - टर्न ) N = कुण्डली में लपेटे तारो की संख्या तथा I = उसमे बहने वाली विद्युत धारा ।
4. चुम्बकीय फ्लक्स :-
एकांक क्षेत्रफल से गुजरने वाले चुम्बकीय फ्लक्स घनत्व की संख्या को चुम्बकीय फ्लक्स घनत्व कहते है। इनका मात्रक बैबर होता है। इसे फाई से सूचित करते है।
चुम्बकीय फ्लक्स = B.A ( A - क्षेत्रफल , B - चुम्बकीय फ्लक्स घनत्व )
फ्लक्स घनत्व = चुम्बकीय फ्लक्स / क्षेत्रफल ( मात्रक - बैबर / वर्ग मीटर )
5. फैराडे का विद्युत चुम्बकीय प्रेरण का नियम :-
प्रथम नियम :-
जब किसी बंद कुंडली में चुम्बकीय फलक्स मे परिवर्तन होता है। तो उसमे प्रेरित विद्युत वाहक बल उत्पन्न होता है।
e = n ( क्लक्स परिवर्तन / समय अन्तराल )
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