Tuesday, 14 March 2023

क्या व्लादिमीर पुतिन का दिल्ली आना हुआ तय ? /# क्या व्लादिमीर पूतिन G -20 में भाग लेने भारत आ रहा है?

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             अमेरिकी प्रसिद्ध अखबार ब्लू वर्ग का मानना है कि G-20 समिति में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भाग ले सकते हैं?

G-20 क्या है :-

                      G-20 विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था रखने वाले देशों का एक समूह है जिसमें 20 देश शामिल है । G-20 सम्मेलन में ऐ सभी देश ऐक साथ ऐक मंच पर उपस्थित होते हैं। और पुरे विश्व में हो रही समस्या को सुलझाने का प्रयास किया जाता है। 2023 इसकी अध्यक्षता भारत के द्वारा की जा रही है जिसके लिए भारत अपने विभिन्न मित्रों तथा मित्र देशों को निमंत्रण भेज रहा है। इसी के तहत भारत ने रूस को भी इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।


व्लादीमीर पुतिन के आने के मायने :-

                                                   व्लादीमीर पुतिन की सरकार के द्वारा पिछले वर्ष 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण शुरू कर दिया गया जिसके कारण यूरोपीय देश तथा अमेरिका के द्वारा रूस पर विभिन्न प्रकार के प्रतिबंध लगाए गए तथा उन्हें तोड़ने का प्रयास किया गया यहां तक की रूस को G-8 देश से भी बाहर कर दिया गया तथा G-7 का निर्माण किया गया विभिन्न प्रकार के प्रतिबंधों के बाद भी रूस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा तथा रूस अकेले ही इन सब देशों का बड़ी बहादुरी से मुकाबला करता रहा यहां तक की रूस की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के स्रोत रहे पेट्रोलियम पर भी यूरोपीय यूनियन तथा अमेरिका ने प्रतिबंधित कर दिया फिर भी भारत और चाइना जैसे सहयोगी होने रूस का साथ दिया जिसमें भारत प्रमुख रहा और उसने पिछले 1 वर्षों में अपनी आवश्यकताओं का शक्ति अधिक  पेट्रोलियम का आयात रूस कर कर अपनी मित्रता को सुदृढ़ बनाए रखा।

G-20 का इतिहास :-

                               G-20 20 देशों का एक समूह है जिसमें 20 देश के प्रतिनिधि भाग लेते हैं तथा विश्व में हो रही अशांति को समझाने का प्रयास करते हैं इसे बातूनी मंच के नाम से भी कहा  जाता है क्योंकि इसमें एक दूसरे की विरोधी देश भी शामिल है जैसे अमेरिका और रूस चाइना और भारत यारी जैसे विरोधी देश शामिल होने के कारण इसे बातूनी मंच कहा जाता है इस बार G-20 की अध्यक्षता भारत के द्वारा की जा रही है जो दिसंबर में होने वाली है इसका वाक्य वसुधैव कुटुंबकम है 

 


 G-20 की अध्यक्षता भारत में होने के मायने :-

                                                             भारत की विदेश नीति स्पष्ट रही है तथा हमेशा वसुधैव कुटुंबकम की भावना से यह सभी देशों को एक साथ मिलाकर पूरे विश्व की प्रगति के लिए तत्पर रहता है चाहे वह रूस यूक्रेन युद्ध के समय सहायता सामग्री की आवश्यकता हुई हो या फिर COVID-19 काल की समय दवा का वितरण हुआ हो या तुर्की में भूकंप जैसी महामारी हुई हो इन सब घटनाओं में भारत बढ़ चढ़कर भाग लेता है तथा भारत का उद्देश्य सभी देशों को एक साथ एक मंच पर देखना तथा वसुधैव कुटुंबकम के साथ पूरे विश्व का विकास करना होता है ऐसे में G-20 की अध्यक्षता भारत को मिलने के बाद पूरे विश्व के देश एक मंच पर उपस्थित होंगे जिसमें कई सारी समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा जिसमें अमेरिका द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंध तथा रूस द्वारा स्क्रीन पर किया गया आक्रमण इसे समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकेगा।


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